DHFL के 34,615 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में हरीश डेडिया और उनकी पत्नी की 40.40 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 34,615 करोड़ रुपये के दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) बैंक घोटाले के मामले में मुंबई के कारोबारी और कंसल्टेंट हरीश डेडिया तथा उनकी पत्नी धारा डेडिया की 40.40 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में महाराष्ट्र के कर्जत स्थित जमीन के भूखंड और फार्महाउस के अलावा नई दिल्ली के शांतिनिकेतन में एक आवासीय संपत्ति शामिल है।

यह अस्थायी कुर्की धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ED की मुख्यालय जांच इकाई द्वारा की गई है। ED के मुताबिक, दंपति की मुंबई स्थित दो प्रोपराइटरशिप फर्मों-रिलायबल सर्विसेज और मिलेनियम सर्विसेज को वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान DHFL से 40.40 करोड़ रुपये मिले थे। यह रकम ऐसी सेवाओं के बिलों के बदले दी गई थी, जो कथित तौर पर कभी प्रदान ही नहीं की गईं। ED ने इन भुगतानों को DHFL के कर्ज की रकम को दूसरी जगह भेजकर जुटाई गई अपराध की कमाई माना है।

यह जांच DHFL और उसके प्रमोटरों कपिल वधावन तथा धीरज वधावन द्वारा किए गए बैंक घोटाले से संबंधित है।

ED की यह ताजा कार्रवाई हरीश डेडिया, उनकी पत्नी धारा डेडिया और उनसे जुड़ी कारोबारी संस्थाओं, जिनमें मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड और रिलायबल सर्विसेज शामिल हैं, के करीब आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी के कुछ दिनों बाद हुई है। 23 अक्टूबर को की गई इस छापेमारी में कंपनी के कार्यालयों, मुंबई और दिल्ली स्थित दंपति के आवासीय परिसरों तथा कर्जत स्थित एक फार्महाउस को शामिल किया गया था।

ED की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज उस मूल मामले पर आधारित है, जो 17 बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। DHFL को इस बैंकिंग कंसोर्टियम से कुल 42,871 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएं मिली थीं। CBI का आरोप है कि वधावन बंधुओं और अन्य लोगों ने साजिश रचकर कर्ज की रकम को दूसरी जगह भेजा और उसका दुरुपयोग किया। इससे कर्ज देने वाले बैंकों को करीब 34,615 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ED की जांच में सामने आया है कि वधावन परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और कर्मचारियों के माध्यम से करीब 225 कंपनियों को कथित तौर पर नियंत्रित करता था। फॉरेंसिक ऑडिट में प्रमोटरों से जुड़ी 66 ऐसी कंपनियों की पहचान की गई, जिन्हें 29,100 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज और एडवांस दिए गए थे।

एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि DHFL से करीब 11,549 करोड़ रुपये की रकम बांद्रा स्थित एक फर्जी शाखा के जरिए प्रमोटरों के नियंत्रण वाली 87 कंपनियों में भेजी गई थी। आरोप है कि इस रकम को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर करीब 2.60 लाख फर्जी खुदरा कर्जदारों के नाम पर होम लोन के रूप में दिखाया गया। इसका मकसद कंपनी के खुदरा कर्ज के पोर्टफोलियो को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना, आगे और कर्ज हासिल करना तथा संबंधित पक्षों के बीच हुए लेन-देन को छिपाना था।

ED मुंबई की विशेष PMLA अदालत में वधावन बंधुओं समेत 17 आरोपियों के खिलाफ पहले ही अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है। इसके बाद पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की गई है।

हरीश डेडिया की संपत्तियों की कुर्की से पहले 19 अगस्त को भी ED ने कार्रवाई की थी। उस दौरान एजेंसी ने वधावन परिवार की विदेशों में स्थित संपत्तियों के परिसमापन से जुड़ी 54.1 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 51.75 करोड़ रुपये) की रकम फ्रीज कर दी थी।

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